उत्तरायणी मेला:उत्तरायणी मेला बागेश्वर कुमाऊँ का प्रसिद्ध मेला

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में Bageshwar Uttarayani Mela 2021 उत्तरायणी मेला लगता है ,जिसका आयोजन जनवरी माह के मकर संक्रांति के समय लगता है उत्तरायणी मेला कुमाऊँ  का ऐतिहासिक मेला है।इस मेले का आयोजन कुमाऊँ  के बागेश्वर शहर के अंतर्गत प्रमुख नदियां सरयू और गोमती के समीप  भव्य आयोजन होता है ऐसा कहा जाता है कि इस दिन संगम में स्नान करने से भक्तों के पाप कट जाते हैं।

उत्तरायणी मेले का इतिहास 

कुमाऊ का यह प्रसिद्ध जिला बागेश्वर अपने आप में अलग प्रचलित है यह अपने पुराने इतिहास और  अतीत में सजे हुए हैं स्कंद पुराण के मानस खंड में कुर्मांचल के विभिन्न स्थानों इसका वर्णन होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार कहा जाता है की बागेश्वर शिव की लीला की स्थल भूमि है। इस बागनाथ मंदिर को बनाने में सबसे बड़ा योगदान चंद्रवंशी को जाता है चंद्र राजाओं ने ऐतिहासिक बागनाथ मंदिर में पुजारी नियुक्त किए। तब शिव की इस भूमि में कन्यादान नहीं होता था। 

uttarayani mela
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उत्तरायणी कार्यक्रम

इस मेले में लोग दूर-दूर से आकर यहां स्नान करते हैं और भक्तजन आकर यहां मुंडन जनेऊ संस्कार और स्नान पूजा अर्चना करते हैं तथा पुण्य लाभ कमाते हैं विशेषकर मकर संक्रांति के दिन यहां प्रात काल से ही हजारों भक्तो  की भीड़ दिखाई देती है। मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायण में प्रवेश करता है।  इस समय संगम में डुबकी लगाने से सारे पाप धुल जाते हैं।  यहां मेले में मुख्य रूप से कलाकारों द्वारा विशेष नाटकों का आयोजन होता है तथा स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान स्थानीय संस्कृति का प्रदर्शन किया जाता है।  और दिन में  स्थानीय शिक्षा के सस्थानो में छात्र छात्राओं  द्वारा रंगारंग कार्यक्रम का प्रदर्शन होता है जिसमे कुमाऊँ की संस्कृति को प्रदर्शित किया जाता है। 

                       यह एक कुमाऊँ का पर्यटन स्थल भी है

यह मेला  कुमाऊ का प्राचीन ऐतिहासिक मेला है।यह एक पर्यटन स्थल भी है।इस  मेले में यहां पर व्यापारियों खूब बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं।  जो मुख्यतः धारचूला पिथौरागढ़,अल्मोड़ा ,लोहाघाट ,चंपावत ,गढ़वाल ,बरेली, रामपुर ,मुरादाबाद, दिल्ली उत्तर प्रदेश के अन्य स्थलों से आते हैं श्रद्धालु दर्शन आदि पर्यटक हजारों की संख्या में भाग लेते हैं। इस मेले में दैनिक जीवन में उपयोग की हर वस्तुए व सामान  में मिलता  है।इसी तट के किनारे उत्तराखंड में चल रहे कुली बेगार व  कुली उतार प्रथा का अंत भी  इसी सरयू नदी के तट पर हुआ। जिसे सरयू बगड़ भी कहा जाता है Bageshwar Uttarayani Mela 2021

bageshwar uttarayani mela
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   उत्तराखंड के कुमाऊँ मंडल में प्रसिद्ध मेले                                                                                 

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