Teacher’s Day क्यों मनाया जाता है? शिक्षक का जीवन में महत्व क्या है ?

Happy Teacher’s Day(शिक्षक दिवस की शुभकामनाए )

आज 5 सितम्बर 2020 है यानि हर साल इस दिन Teacher’s Day मनाया जाता है |आपका भी यही सवाल हो सकता है Teacher’s Day क्यों मनाया जाता है .शुरुवात हम एक श्लोक से करते है .

गुरु ब्रहमा गुरूर विष्णु गुरु देवो महेश्वरः गुरु साक्षात परब्रह्म तस्मे श्री गुरूवे नमः 
अर्थात  :- गुरु ही ब्रह्मा है गुरु ही विष्णु और गुरु महेश्वर शिव है. गुरु ही साक्षात परब्रह्म है. ऐसे गुरु को मेरा प्रणाम.

आज शिक्षक दिवस है सभी गुरुजनों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ व बधाइयाँ. एक गुरु ही होता है जो शिष्य के अंदर छुपी प्रतिभा को निखारता है. माँ बाप हमें जन्म देते हैं लेकिन गुरु हमें जीना सिखाता है और हमारे जीवन को सफल बनाता है.

Teacher’s Day क्यों मनाया जाता है

शिक्षक दिवस भारत के पहले उपराष्ट्रपति व दूसरे राष्ट्रपति डाँ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस 5 सितम्बर को मनाया जाता है. राधाकृष्णन जी ने अपने जीवन के 40 साल एक शिक्षक के रूप में दिए थे. वे एक महान मार्गदर्शक,संस्कृत भाषा के ज्ञानी,दार्शनिक इसके अलावा एक महान वक्ता भी थे.

गुरु बिन होई न प्रीति (बिना गुरु के ज्ञान प्राप्त नहीं होता)

शिक्षक का जीवन में महत्व 

शिक्षक की तुलना कई जगह पर एक कुम्हार से भी की गई है जिसमें कहा गया है कि जिस प्रकार कुम्हार घड़े को बनाते समय उसे सही आकार देने के लिए उस पर एक तरफ़ से तो हथौड़े से वार करता है और दुसरी तरफ़ उसे हाथ से सहारा भी देता है. यही एक गुरु भी शिष्य के साथ करता है.

शिक्षक की भगवान से भी उप्पर माना गया 

गुरु गोविंद दौउ खड़े काकें लागो पाय |बलिहारी गुरु आपनो गोविंद दियो बताय
इस श्लोक में गुरु को भगवान से भी ऊपर का दर्जा दिया गया है. जिसमें कहा गया है कि गुरु और गोविंद साथ खड़े हैं पहले किसके पैर पड़ू. पहले गुरु को प्रणाम करूँ जिन्होंने मुझे गोविंद (भगवान ) तक पहुँचा दिया.
पहले के समय में गुरु को भगवान की तरह पूजा जाता था. गुरु का दर्जा भगवान से भी ऊपर था. लेकिन आज के समय में गुरु की पूजा तो क्या उनका सम्मान तक नहीं किया जाता.

सीख़ और सबक 

कुछ शिक्षक भी अपने शिष्य के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते. आज के समय में शिक्षा शिक्षा नहीं रह गयी बल्कि एक धंधा बन चुका है. इसलिए सभी शिष्यों से निवेदन अपने गुरु का आदर और सम्मान करें और शिक्षकों से भी निवेदन शिक्षा को एक धंधा ना बनने दें और अपने शिष्यों को सही मार्गदर्शन दें.

आज के लेख से आप समझ गए होंगे एक शिक्षक का शिष्य के जीवन में कितना महत्व है और हमने जाना Teacher’s Day क्यों मनाया जाता है .

यह भी पड़े

रंगीलो पहाड़ व्हाट्सप्प ग्रुप जुड़ने के लिए क्लिक करे – rangilopahad

Leave a Reply