सोबन सिंह जीना परिसर अल्मोड़ा का इतिहास: कुमाऊँ का सबसे पुराना कॉलेज

सोबन सिंह जीना परिसर अल्मोड़ा Uttarakhand सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में स्थित यह परिसर कुमाऊ का सबसे पुराना कॉलेज है

सोबन सिंह जीना परिसर अल्मोड़ा
सोबन सिंह जीना परिसर अल्मोड़ा

सोबन सिंह जीना परिसर अल्मोड़ा  देखा जाए कुमाऊँ यूनिवर्सिटी के अंतर्गत आना वाला यह कॉलेज कुमाऊँ का सबसे बड़ा कॉलेज भी है.जिसमें Almora के अलावा bageshwar,pithoragarh और champawat के कॉलेज आएंगे. तो आईये आज इस परिसर के इतिहास के बारे में जानते हैं.

D.L.Shah Degree College से सोबन सिंह जीना नाम कैसे पड़ा 
सन. 1949 में अनेक बुद्धिजीवियों के अथक प्रयासों के फलस्वरूप डी. एल. साह डिग्री कॉलेज के नाम से एक प्राइवेट संस्था के रूप में यह कॉलेज अस्तित्व में आया. उस समय इसे आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध किया गया था. सन् 1952 से यहां बी. टी. की कक्षाएँ संचालित होने लगी और सन् 1959 में कला विषयों की स्नातकोत्तर की कक्षाओं का संचालन प्रारंभ हुआ. इसके बाद इसे अल्मोड़ा महाविद्यालय के नाम से जाना जाने लगा. उस समय यह कुमाऊँ का एक मात्र महाविद्यालय था. 1962 से इस महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर विज्ञान विषय को भी मान्यता मिल गई और रसायन विज्ञान,भौतिक विज्ञान व गणित विषयों के पठन-पाठन का कार्य प्रारंभ हुआ. 1966 से जीव विज्ञान की कक्षाएँ भी यहां संचालित होने लगी.1970 तक आते आते इन विषयों में स्नातकोत्तर की कक्षाएँ भी आरंभ हो गई. तत्पश्चात 1994 में तात्कालीन राज्यपाल श्री मोती लाल बोरा जी द्वारा इस महाविद्यालय को परिसर का दर्जा दिया गया और तब से यह Soban Singh Jeena Almora के नाम से जाना जाने लगा. वर्तमान में इस परिसर में कई नए विषय जैसे-वाणिज्य,विधि,शिक्षा,सांख्यिकी,कम्प्यूटर साइंस,चित्रकला,बी. एफ. ए.,एम. एफ. ए.,बी. सी. ए,योग,पी.जी,डीएस. ए.,एन. आर. डी. एम. एस.,पत्रकारिता,अनुवाद,सूचना एवं प्रौद्योगिकी आदि में पठन -पाठन की सुविधा उपलब्ध है.

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सोबन सिंह जीना परिसर अल्मोड़ा परिसर को तीन भागों में बाँटा गया है

1. अपर कैम्पस
2. मिडिल कैम्पस
3. लोअर कैम्पस

  1. अपर कैम्पस में वनस्पति विज्ञान,जंतु विज्ञान,भूगोल आदि विभाग आते हैं
  2. मिडिल कैम्पस में मुख्य प्रांगण, कार्यालय,डी. एस. डब्ल्यू.,कुलानुशासक,भौतिक विज्ञान,रसायन विज्ञान आदि विभाग आते हैं,इसके साथ ही मिडिल कैम्पस में सोबन सिंह जीना,स्वामी विवेकानंद,माँ सरस्वती की मूर्ति भी बनी है.

परिसर का पुस्तकालय -: अल्मोड़ा परिसर का पुस्तकालय एक बड़े दो मंज़िले भवन में स्थित है. इसके वाचनालय कक्ष में 100 से भी अधिक छात्र एक साथ अध्ययन कर सकते हैं और यहां सभी आधुनिक सुविधाएं विद्यमान हैं. इस पुस्तकालय में 130 से भी अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाएँ हमेशा रहती हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे- सिविल सेवा,IIT-JEE,ICWA-CA,NDA,CDS,MBA,MCA,CSIR-UGC-NET आदि की नवीनीकृत पुस्तकें भी उपलब्ध हैं इसके अलावा यहां फोटो स्टेट,इंटरनेट,फैक्स की सुविधा भी उपलब्ध है.

इस परिसर के छात्रों ने कई क्षेत्रों में देश-विदेश में अपना परचम लहराया है.

फ़िर चाहे वह खेलकूद के क्षेत्र में हो या राजनीति या साहित्य के क्षेत्र में हो यहां से कई लोग देश विदेशों में अपना नाम रोशन कर रहे हैं
जैसे -क्रिकेटर एकता बिष्ट
जिन्होंने अपनी स्नातक की परीक्षा यहीं से पूरी की है.इसके अलावा यह परिसर यहां की राजनीति के लिए भी जाना जाता है और यहां की राजनीतिक गतिविधियों के कारण यह खासा चर्चाओं में रहता है.हर साल होने वाले छात्र संघ चुनाव में यहां के छात्र बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं यहां के चुनावों जैसा जोश शायद ही कहीं देखने को मिले.

आज हमने जाना उत्तराखंड में स्थित अल्मोड़ा के सोबन सिंह जीना परिसर अल्मोड़ा (ssj campus almora)के बारे में क्या खास है उम्मीद है आपको यह आर्टिकल ज़रूर पसंद आया  होगा कमेंट करे जो अभी पड़ता हो कैंपस में  जय देवभूमि उत्तराखंड
धन्यवाद

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