Ram Singh Dhoni Jayanti -उत्तराखंड के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी की जयंती पर विशेष

कुमाऊँ मंडल के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी रहे Ram Singh Dhoni Jayanti  भारत को आजादी दिलाने में हमारे उत्तराखंड वासियों का भी कम योगदान नहीं है इन्हीं में से एक हैं राम सिंह धौनी. राष्ट्रीय आंदोलन के प्रमुख नारों में से एक जय हिंद नारे का उदघोष इन्हीं के द्वारा किया गया था साथ की पहाड़ के लोगों को राष्ट्रीय आंदोलन के लिए प्रेरित करने और जागरूक करने का श्रेय भी इन्हीं को जाता है 

राम सिंह धौनी की जीवनी

24 फरवरी 1893 को जन्मे राम सिंह धोनी का जन्म अल्मोड़ा के जैंती तहसील में स्थित तल्ला बिनौला गाँव में हुआ था.राम सिंह धौनी बचपन में पढ़ने लिखने में काफी अच्छे थे .1911 में इन्होंने मिडिल परीक्षा पास की जिसमें ये प्रथम श्रेणी से पास हुए.1919 धौनी जी ने इलाहाबाद से स्नातक की डिग्री हासिल की.एक बार इनके पास कुमाऊं कमिश्नरी से तहसीलदार बनाने का प्रस्ताव भी आया लेकिन इन्होंने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया और राष्ट्रीय आंदोलन में कूद गए.इसके बाद ये होमरूल लीग से जुड़े और राष्ट्रीय आंदोलन में अपना सहयोग देने लगे.1920 में ये राजस्थान गए और वहां के सूरतगढ़ स्कूल में बच्चों को पढ़ाने लगे.इसी समय इन्होंने जय हिन्द नारा भी दिया ये अपनी बोलचाल में सबसे पहले इसी का इस्तेमाल करते थे.

तत्पश्चात धौनी जी फतेहपुर पहुंचे और वहां कांग्रेस की एक कमेटी गठित की और फतेहपुर में ही इन्होंने अपनी साप्ताहिक पत्रिका बंधु का प्रकाशन किया.इसके बाद राम सिंह धौनी अपनी जन्मभूमि पहुंचे और अल्मोड़ा में इन्होंने शक्ति साप्ताहिक के संपादन का भी कार्य किया.साथ हुए अल्मोड़ा जिला परिषद के अध्यक्ष भी रहे.सालम में राम सिंह धौनी जी ने कताई बुनाई केंद्र ओर एक पुस्तकालय का भी शुभारंभ किया.ये पैदल चलकर युवाओं को और अपने गांव के लोगों को आजादी के लिए जागरूक करने लगे .इसके बाद 1930 में धौनी जी मुंबई गए और वहां फैले चेचक रोग से पीड़ित लोगों की मदद करने लगे लेकिन वह खुद भी इस रोग की चपेट में आ गए और 12 नवंबर 1930 को इनका देहांत हो गया.इनकी मृत्यु के बाद 1935 में जैंती में इनके नाम से एक आश्रम कि स्थापना की जो कि आज रखरखाव ना होने के कारण आज जीर्ण शीर्ण हालत में है.

ये हैं उत्तराखंड के महान स्वतंत्रता सेनानी राम सिंह धौनी जो गांव के लोगों में स्वतंत्रता पाने की जागरूकता लाए पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को जागरूक करने का कार्य किया और समाज के हित में अनेक कार्य किए .

कुमाऊँ मंडल के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी रहे Ram Singh Dhoni Jayanti  भारत को आजादी दिलाने में हमारे उत्तराखंड वासियों का भी कम योगदान नहीं है इन्हीं में से एक हैं राम सिंह धौनी.

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