माँ कालिका मंदिर कांडा जिसे स्वयं आदि गुरु शंकराचार्य जी ने बनाया

माँ कालिका मंदिर कांडा स्वयं आदि गुरु शंकराचार्य जी ने बनाया

Bageshwar ke kanda me maa kalika ka mandir
माँ कालिका मंदिर कांडा बागेश्वर


न्याय के देवता “गोलू देवता” की कहानी

यह मंदिर बागेश्वर से 25 km दूर कांडा में स्थित है। कांडा पर्यटन के रूप में भी जाना जाता है। माँ कालिका का यह मंदिर बागेश्वर के बड़े बड़े मंदिरों में गिना जाता है। इस मंदिर का निर्माण आदि गुरु शंकराचार्य जी ने 10 वी सदी में किया। बहुत समय पहले कांडा में एक काल का आतंक हुआ करता था। जिसकी वजह से हर वर्ष एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाती थी।जिस कारण यहां के स्थानीय लोग काफ़ी परेशान थे। जब आदि गुरु शंकराचार्य जी यहां के भ्रमण पर आए तो यहां के लोगों ने उन्हें अपनी समस्या के बारे में बताया। शंकराचार्य जी ने स्थानीय लोहारों से नौ कड़ाहे बनवाए और उसके ऊपर शिला रखकर यहां माँ काली को पेड़ की जड़ पर स्थापित किया।
जिससे काल की आशंका समाप्त हो गयी।
सन 1947 में स्थानीय लोगों ने इसका विधिवत निर्माण कराया एवं 1998 में इसे भव्य रूप दीया गया। यहां प्रत्येक नवरात्रि पर देवी की आराधना की  जाती है और हर वर्ष यहां विजयादशमी पर मेला लगता है। जो कि काफ़ी प्रसिद्ध है। पहले यहां विजयादशमी के दिन पन्चबली भी दी जाती थी लेकिन अब यहां से स्थानीय लोगों द्वारा उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए बाली प्रथा बंद कर दी है।

माँ कालिका मंदिर कांडा स्वयं आदि गुरु शंकराचार्य जी ने बनाया पूरा देखने के लिए यूट्यूब चैनल में देखे 

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