घरों पर ही अपने हाथों से राखियों का निर्माण कर रहे हैं.सहयोग जरुर दे

आत्मनिर्भर भारत हाथो से बनी राखी :रिंगाल और चीड के पेड़ की खाल (बगेट ) और चावल और कवाल के धागे से बना जा रही है राखिया 

रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आ रहा है और रक्षाबंधन में हम बाजार से राखियाँ खरीदते हैं और ज़्यादातर राखियाँ बाहर से आयी हुई होती हैं. आज भारत आत्मनिर्भर की तरफ़ बढ़

राखिया
हाथो से बनी राखी

रहा है और इस क्रम में हमारे उत्तराखंड वासी भी अपना योगदान दे रहे हैं और घरों पर ही अपने हाथों से राखियों का निर्माण कर रहे हैं.

 

दानपुर के शामा क्षेत्र में रिंगाल से किया जा रहा है राखियों का निर्माण :-

दानपुर के शामा की महिलाएं हमारे पहाड़ में बहुतायत मात्रा में पाए जाने वाले रिंगाल से और वेस्ट मटिरियल से राखियों का निर्माण कर रही हैं और लोकल फॉर् वोकल का संदेश दे रही हैं. इनकी राखियाँ बागेश्वर और कपकोट के बाज़ारों में काफ़ी बिक रहीं हैं. जिसमें आयुर्विजन ग्रुप भी इनका सोशल मीडिया के माध्यम से साथ दे रहा है.अगर आपको इन राखियों को ओर्डर करना है तो आप 9540560712.* इस नम्बर पर काँल करके ओर्डर कर सकते हैं.यही मौका के लोकल को बढ़ावा देने का , उम्मीद करते हैं कि *Ayurvision ग्रुप के बहिनों की मेहनत रंग लाएगी

गोविंद बल्लभ पंत हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान पिरूल और चीड़ के पेड़ की खाल से कर रहा है राखियों का निर्माण

इसी क्रम में गोविंद बल्लभ पंत हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान भी चीड़ के पेड़ की खाल जिसे बगेट कहते हैं पिरूल और ठीटा से राखियों का सुंदर निर्माण कर रहा है.
साथ ही हमारे उत्तराखंड की कई बहिनें भी इस मुहीम में अपना सहयोग दे रही हैं और सुंदर राखियों का निर्माण कर रही हैं.

उत्तराखंड की ही एक बहन हिमानी कबडवाल चावल और कवाल (एक प्रकार का धागा ) से सुंदर राखियों का निर्माण कर रही हैं.मेरा सभी उत्तराखंड वासियों से निवेदन है कि आप सब बाजार से राखियाँ खरीदने के बजाए उन लोगों से राखियाँ खरीदें जो घर में राखियों का निर्माण कर रहे हैं और साथ ही सभी व्यापारियों से हमारा निवेदन है कि आप भी

हाथो से बनी राखी
हाथो से बनी राखी

इनकी बनायी हुई राखियाँ अपनी दुकानों में लगाएँ ।* आपके राखी लेने पर उनका हौसला वर्धन होगा , और ये सभी की जिम्मेदारी और कर्तव्य होना चाहिए। तभी हमारा देश आगे बढ़ पायेगा.

टीम रंगीलो पहाड़ आप सभी का धन्यवाद करता है और भाई -बहन का त्यौहार की शुभकामनाये  और घरों पर ही अपने हाथों से राखियों का निर्माण कर रहे हैं.सहयोग जरुर दे

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