उत्तराखंड की कंचन जदली अपनी चित्रकला से उत्तराखंड की संस्कृति को दे रही है एक नया रूप

cartoon painting by kanchan jaldi

चित्रकला का एक नया रूप फिर देखने को मिल रहा है उत्तराखंड की पौड़ी गढ़वाल जिले की निवासी कंचन जदली जी अपनी चित्रकला से उत्तराखंड की संस्कृति को दे रही है एक नया रूप बचपन से ही कला में रूचि होने के साथ आज अपने सरल कार्टून की मदत से अपने पहाड़ो से जुडी जानकारी …

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पहाड़ो में घास काटने का समय(असौज) के दिनों में काम किस तरह निभाते है

घास काटना

असौज लग गया(घास काटने का समय) में आज आपको कुछ अलग जानकारी बताने की कोशिश में हु.बात उन दिनों की है जब पहाड़ी क्षेत्रो यानि वो स्थान जहा पहाड़ और लोगो का मुख्य व्यशाय खेती और पशुपालन होता है ,उत्तराखंड और हिमांचल के पहाड़ी क्षेत्र है .जब वर्षा ऋतू के अतिम समय और शरद ऋतू …

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Khatarua Festival In Uttarakhand–कुमाऊँ में खतड़वा त्यौहार क्यों ,कैसे मनाते है?

khatarua festival uttarakhand

Devbhoomi Uttarakhand के  kumaon के क्षेत्रो में मनाया जाने वाला प्रमख त्यौहार या लोक उत्सव खतड़वा त्यौहार(Khatarua Festival) इसे गाईत्यार (पशुधन को समर्पित ) का त्यौहार भी कहा जाता है|उत्तराखंड का अधिकतर जिले पहाड़ी क्षेत्रो से भरा है जहा कृषि और पशुपालन मुख्य व्यवसाय भी है – खतड़वा त्यौहार भी इसी से सम्बन्धित है |आइये …

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बूबू और नाति के किस्से(गपसप )और पब्जी गेम -कुमाऊँनी बात

बूबू और नाति के गपसप और पब्जी गेम

बूबू और नाति के मजेदार किस्से यानि गपसप  आज हम आपको मजेदार बूबू यानि दादा(Grandfather) और  नाति(Grandson) आजकल किस तरह से किस्से चल रहे है .बताने वाले है हमने यह शब्द कुमाऊँनी और हिंदी भाषा में लिए है .चलिए शुरू करते है बूबू और नाति के किस्से और पब्जी गेम ; बूबू – अछीनान नानतिने …

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उत्तराखंड में “घी त्यार” क्यों मनाया जाता है और इसका महत्व क्या है

उत्तराखंड में “घी त्यार” की शुभकामनाये

उत्तराखंड का लोक पर्व “घी त्यार” 2020  Ghee Festival Uttarakhand 2020 में आज आपको उत्तराखंड के एक और त्यौहार जिसे “घी त्यार” यानि इसे घी का त्यौहार (घृत संक्रांति ) भी कहते है .इस बारे में बताने जा रहा हु .आखिर उत्तराखंड में  घी त्यार त्यौहार क्यों मनाया जाता है और कैसे मनाया जाता है …

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गढ़वाली भाषा की बोलियों के बारे में जाने :Language of Uttarakhand

गढ़वाली भाषा

Uttarakhand Language In Hindi:उत्तराखंड की मुख्य भाषाओ में एक गढ़वाली भाषा के बारे में  उत्तराखंड में बहुत सारी भाषाओ का प्रयोग होता है जिनमे मुख्य है . कुमाऊँनी भाषा और गढ़वाली भाषा ,उत्तराखंड में बोले जाने वाली मुख्य भाषा है .जिस प्रकार कुमाऊँनी भाषा विलुप्ति की और है अब यह भाषा का प्रयोग धीरे -धीरे …

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कुमाऊँ भाषा : कुमाऊँनी भाषा में एक अलग ही मिठास छुपी है

कुमाऊँनी भाषा उत्तराखंड में बोले जाने वाली भाषा

कुमाऊँनी भाषा में एक अलग ही मिठास छुपी है उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र की मुख्य भाषा कुमाऊँनी है और इस भाषा में एक अलग ही मिठास छुपी होती है. जैसे-अगर कोई कहीं जा रहा है तो उससे ये कहना कि “काहूँ हरै रे त्यार दौड़”या किसी से रास्ता पूछना है तो “अरे दाज्यु पा वां …

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उत्तराखंड में कुमाऊँ का प्रसिद्ध छोलिया नृत्य की शुरुआत कैसे हुई

छोलिया  कुमाऊँ के सबसे प्रसिद्ध नृत्यों में से एक माना जाता है। यह नृत्य कुमाऊँनी संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। इसका आयोजन मुख्यतः शादी विवाह आदि सुभ मांगलिक अवसरों पर किया जाता है।यह मुख्यतः पिथौरागढ़ के शोर क्षेत्र में प्रसिद्ध है। इसके अलावा यह बागेश्वर अल्मोड़ा  में भी काफ़ी प्रसिद्ध है। कुमाँऊनी  कहावते -भाग …

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Traditional Dress of Uttarakhand -आभूषण और संस्कृति

uttarakhand culture dress

उत्तराखंड की प्रमुख पारंपरिक आभूषण और पहनावा और संस्कृति जिस तरह से आगे बढ़ रहे हैं एक नई दिशा की ओर जा रहे हैं  हम अपनी संस्कृति को धीरे-धीरे भूल रहे हैं अपने पहाड़ी संस्कृति को यहां के पहनावे को यह सब भूल रहे हैं कहीं नहीं कहीं दोस्तों आज उत्तराखंड में की संस्कृति बहुत …

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