माल्टा को पहाड़ी फलो का राजा क्यों कहा जाता है और माल्टा खाने के फायदे क्या है ?

जिस तरह आम को फलों का राजा कहा जाता है उसी तरह हमारे पहाड़ी इलाकों मे माल्टा को पहाड़ी फलों का राजा कहा जाता है क्योंकि जिस प्रकार आम का फल लकड़ी पत्ते से लेकर बीज तक सब कुछ उपयोग मे लाया जा सकता है उसी प्रकार माल्टा के पेड़  के हर भाग किसी ना किसी रूप मे उपयोग मे लाया जाता है तो आइये आज  माल्टा खाने के फायदे में और इससे होने वाले कई तरह के चमत्कारी गुणों के  बारे में जानते है.

उत्तराखंड में कहां से आया माल्टा

पहाड़ियों के दिलों में राज करने वाला यह फल चीन से हमारे पहाड़ों में आया ऐसा भी कहा जाता है कि यह फल ह्वेनसांग और फ़ाहयान यात्रियों के समय में आया इस फल का उत्पादन उत्तराखंड के अलावा नेपाल और हिमांचल प्रदेश में भी किया जाता है.

माल्टा का उत्पादन और पकने का समय

माल्टा का उत्पादन उत्तराखंड के मैदानी जिलों को छोड़कर अन्य सभी पहाड़ी जिलों में किया जाता है. इसका उत्पादन 1200-3000 फिट की ऊँचाई पर किया जाता है.यह नींबू प्रजाती का फल है और इन फलों में माल्टा का उत्पादन सर्वाधिक किया जाता है.सभी फलों में इसका उत्पादन करीब 70% होता है.

माल्टा फल से होने वाले फायदे

माल्टा खाने के फायदे
पहाड़ी फलो का राजा माल्टा

वैसे तो माल्टा हमारे पहाड़ों में बड़े ही चाव से खाया जाता है.लेकिन स्वाद में अच्छा होने के साथ साथ इसमें कई गुण और भी हैं.इसे धरती के सबसे सेहतमंद फलों में से एक माना जाता है.यह फल हमारे पेट के लिए गुणकारी है और खाने को पचाने में मदद करता है .साथ ही इसके सेवन से भूख भी लगने लगती है.इसके अलावा नीबू प्रजाति का होने के कारण यह विटामिन सी का अच्छा स्रोत भी है.विटामिन सी के अलावा इसमें प्रोटीन ,केल्सियम फास्फोरस ,कार्बोहाइड्रेट,पोटेशियम मैग्नीशियम आदि तत्व भी पाए जाते हैं,जो कि हमारे शरीर के लिए काफी लाभदायक हैं.इसमें एंटी ओक्सीडेंट और एंटीसेप्टिक गुण भी पाए जाते हैं और इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है.माल्टा का उपयोग गुर्दे की पथरी, कफ कम करने , कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए भी किया जाता है. चिकित्सक पथरी के रोगी को माल्टा का जूस पीने की सलाह भी देते हैं.

माल्टा की पत्तियों का उपयोग

माल्टा की पत्तियों का काढ़ा बनाकर उसे पीने से पाचन की बीमारियों ,तंत्रिका विकारों,अस्थमा ,रक्तचाप आदि में लाभ मिलता है.
माल्टा के छिलके का उपयोग
इसके छिलकों को सुखाकर उनका उपयोग सर्दी , खांसी के उपचार में किया जाता है और इसके ताजे छिलकों को त्वचा पर लगाने से त्वचा चमकदार बनती है .

माल्टा के बीज और लकड़ी का उपयोग

माल्टा के बीज और उसकी छाल का उपयोग दवाइयां बनाने में किया जाता है .इसकी लकड़ी काफी मजबूत होती है इसलिए इसका उपयोग फर्नीचर बनाने और इधन के रूप में किया जाता है
तो ये था माल्टा को पहाड़ी फलों के राजा क्यों कहा जाता है और माल्टा खाने के फायदे उससे होने वाले लाभी के बारे में सेहत के लिए फायदेमंद इस फल को आप भी काफी पसंद करते होंगे कैसी लगी आपको यह जानकारी कॉमेंट में जरूर बतइएगा

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