26 जनवरी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाए -26 जनवरी गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है महत्वपूर्ण जानकारी

26 January गणतंत्र दिवस (Republic Day) 2021 – भारत अपना 72 गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है आप सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाए आज हम बताने का प्रयास करेंगे 26 january kyu manayi jati hai इसके पीछे की कहानी क्या है सभी को जानना जरुरी है | गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है -दोस्तों आज ही के दिन भारतीय सविधान लागु हुआ -26 जनवरी 1950 का एतिहासिक दिन रहा है पुरे भारत वर्ष के लिए – भारत का संविधान कैसे बना -किसी देश के प्रशासन और व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए संविधान की आवश्यकता होती है भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है और इसका गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाया जाता है.26 जनवरी 1950 से ही भारत का संविधान पूरी तरह से लागू हुआ था.आइए आज जानते हैं कि कैसे भारत के संविधान का निर्माण हुआ. चलिए शुरू करते है गणतंत्र दिवस पर निबंध 

भारत का संविधान की शुरुआत 

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हमारे संविधान निर्माताओं ने विश्व के करीब 200 देशों से भी अधिक देशों के संविधान का अध्ययन किया और कई देशों के संविधान की विशेषताओं से प्रभावित होकर उन्हें भारत के संविधान में शामिल किया.भारत के संविधान को लिखने में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन का समय लगा और 26 नवंबर 1949 को इस संविधान को अंगीकृत किया गया.इस दिन इसके चार प्रावधान नागरिकता,अंतरिम सरकार,आपातकाल और निर्वाचन लागू किया गए.26 जनवरी को संविधान पूरी तरह से लागू कर दिया गया.26 जनवरी का दिन ऐतिहासिक कारणों से चुना गया क्योंकि 30 वर्ष पहले यानी 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था.इसी कारण से 26 जनवरी 1950 को संविधान पूर्ण रूप से लागू कर दिया गया-26 january kyu manayi jati hai

भारत का संविधान कैसे बना

भारतीय संविधान के निर्माण में ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की काफी भूमिका रही.इसमें 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट से लेकर 1935 के भारत शासन अधिनियम तक अनेक संवैधानिक सुधार हुए.संविधान की बात सर्वप्रथम 1922 में महात्मा गांधी जी ने कही.गांधी जी ने कहा कि भारत के भाग्य का फैसला भारत कि जनता स्वयं करेगी.सबसे पहले स्वराज पार्टी ने संविधान सभा के गठन की मांग की थी.1936 में कांग्रेस से जवाहर लाल नेहरू ने पहली बार संविधान सभा के गठन की मांग की ओर ब्रिटेन ने अगस्त प्रस्ताव 1940 में संविधान सभा के गठन की मांग को स्वीकार किया.ब्रिटिश सरकार ने क्रिप्स मिशन योजना के तहत संविधान सभा के गठन का प्रस्ताव रखा.जिसे कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों ने अस्वीकार कर दिया.इसके बाद मार्च 1946 में 3 सदस्यीय कैबिनेट मिशन भारत आया जिसमें पैथिक लॉरेंस,स्टिफॉर्ड क्रिप्स और अलेक्जेंडर थे.इसने मई 1946 में रिपोर्ट प्रस्तुत की ओर इसी आधार पर संविधान सभा का गठन हुआ.

भारत का संविधान किसने लिखा

भारत का संविधान संविधान सभा द्वारा लिखा गया.जुलाई 1946 में संविधान सभा के लिए चुनाव हुए और कुल 389 सदस्य निर्वाचित हुए.जिसमें 292 ब्रिटिश प्रांतों से ,4 कमिश्नरी‌‌ज और 93 सदस्य देशी रियासतों से चुने गए.संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई.जिसमें सच्चिदानंद सिन्हा अस्थाई अध्यक्ष चुने गए.11 दिसंबर 1946 को दूसरी बैठक हुई इसमें जवाहर लाल नेहरू को स्थाई अध्यक्ष चुना गया एच. सी. मुखर्जी को उपाध्यक्ष चुना गया.13 दिसंबर 1946 को जवाहर लाल नेहरू द्वारा उद्देश्य प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया.जो संविधान सभा से 22 जनवरी 1946 को संविधान सभा ने पारित किया.भारत का बंटवारा होने के बाद 31 अक्टूबर 1947 को संविधान सभा का पुनर्गठन हुआ.पुनर्गठन के बाद सदस्यों कि संख्या 299 थी.
संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई और उस समय उपस्थित 284 सदस्यों ने इस पर अपने हस्ताक्षर किए.अंततः 26 जनवरी 1950को हमारा संविधान पूरी तरह से लागू हो गया.
भारतीय संविधान में कुल 395 अनुच्छेद हैं संविधान के 22 भाग हैं और 12 अनुसूचियां हैं प्रारंभ में अनुसूचियों की संख्या 8 थी.अगर गणना की दृष्टि से देखा जाए तो भारतीय संविधान में 465 अनुच्छेद और 25 भाग हैं

26 january 2021

अब हमने जन लिया है 26 january kyu manayi jati hai – इस दिन हमारा संविधान लागू हुआ भारत एक लोकतंत्रात्मक गणराज्य बना आप सभी की 72 वे गणतंत्र दिवस की शुभकामनाए 

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