बूबू और नाति के किस्से(गपसप )और पब्जी गेम -कुमाऊँनी बात

बूबू और नाति के मजेदार किस्से यानि गपसप 

आज हम आपको मजेदार बूबू यानि दादा(Grandfather) और  नाति(Grandson) आजकल किस तरह से किस्से चल रहे है .बताने वाले है हमने यह शब्द कुमाऊँनी और हिंदी भाषा में लिए है .चलिए शुरू करते है बूबू और नाति के किस्से और पब्जी गेम ;

बूबू – अछीनान नानतिने कदु बिगड़ गयान हैं दिन भर बस मोबाइल में नि लागीए रूनान जि करनाल दिन भर ऊ मोबाइल में बस लागीए दीखीनान खान पीनेकि क्याके सुध ने रून बस मोबाइल में नि लागिए रूनान

हिंदी भाषा -आजकल के बच्चे कितने बिगड़ गये हैं दिन भर बस मोबाइल में ही लगे रहते हैं खाने पीने की सुध तक नहीं रहती मोबाइल के चक्कर में .

बूबू अपने नाति को आवाज लगते हुए

नाति ओ नाति एक गिलास पाणि ला दे

हिंदी भाषा – नाति एक गिलास पानी ला दे

नाति पब्जी गेम खेलते हुए :- अल्ले लून बुबु जागो (आर बुबु अभी लाता हूँ रुको )

बूबू  :- आर ला यार जल्दी ग्वव सुक्क म्यार जब मर जून तब लाले ( अरे ला फ़िर जल्दी गला सूखा है मेरा )

नाति -अरे अल्ले लून ने थ्वाड़ देर में एक गेम चल रो म्यार बढ़िया वाल जब खत्म हेजालो फ़िर ला द्यून

हिंदी भाषा -अरे बुबु अभी लाता हूँ थोड़ी देर में अभी मेरा गेम चल रहा है .

बूबू  :- त त गेमेले खे हालले तू हैं मैस ना नानतीन का बेटि का पूजी गयान और तू त मोबाइल में ही लाग रुचे दिन भर बस त ठ्याक ठ्याक ठ्याक ठ्याक बस टे छे त्यार के किताबे पड़ लीने तै हबेर.

हिंदी भाषा –ये गेम खेलने से ही खा लेगा तू ओरों के बच्चों को देख कहां से कहां पहुँच गये हैं और तू दिन भर बस गेम ही खेलने में लगे रहता है इससे अच्छा किताब ही पढ़ लेता

नाति :- अरे ऐले तो ख्यलनी थ्वाड़ देर थ्वाड़ देर तो खेलन दीयो.(अरे अभी तो खेल रहा हूँ थोड़ी देर तो खेलने दो )

बूबू  :- कस छू पत्त ने त्यार थ्वाड़ देर जो कभे खत्मे ने हुन (कैसा है पता नहीं तेरा गेम जो कभी खत्म ही नहीं होता )

नाति :- अरे यार छि (अरे यार )

बूबू :- आब कि भो (अब क्या हुआ )

नाति :- अरे यार मारि याली केले (आर मार दिया किसी ने )

बूबू  :- कैल मारो तुक बता आले चित्त धरूँ साल क बता कैल मारअ बता बता (किसने मारा तुझे बता अभी मारता हूँ मैं उसे )

नाति :- अरे बुबु उसके जेकी मार राखो गेम में मार यालो एकेलि उले तमार चक्कर में जब ले खेलण बैठूँ रोज़ कच कच कर दीनान हैज्ञोई एक दिन भैलिके ने खेलन दीन. दगड़ु की कूनाल मीछे ख्यलन ले ने उन पत्त ने जे खेल्नल कबर कूनाल

हिंदी भाषा -अरे बुबु वैसे थोड़िना मारा है गेम में मार दिया किसी ने वो भी आपके चक्कर में बस कच कच लगाए रखते हैं दिन भर ऐक दिन भी अच्छे से नहीं खेलने देते. मेरे दोस्त क्या कहते होंगे खेलना आता नहीं है फ़िर भी पता नहीं क्यों खेलता है कहते होंगे .

बूबू  – त्यार दगड़ु ले त्यारे जास हुनाल. आछीनान नानतीनन क तो के कुन जस ले ने हरोय सीध उल्ट बुलान भैजानान एक हमार टैम छि. बुला सगनेकी ले हिम्मत ने उछि ठुल ने सामान में फ़िर उल्ट जे बुला हाल हैगोई. स्यूड़ पाणिल उलाई दीछी उलाई. जब हमे टैम में उना फ़ी पत्त चलन की हूँ उल्ट बुलान कबैर.

हिंदी भाषा -तेरे दोस्त भी तेरे ही जैसे होंगे आजकल के बच्चों से तो कुछ कहना जैसा भी नहीं हो रहा सीधे उल्टा बोलने लग जाते हैं एक हमारा टाइम था कुछ कहने की हिम्मत भी नहीं होती थी फ़िर उल्टा जो कह दिया तो हो गया सिसूड़(एक प्रकार की बिच्छू घास ) लगा देते थे जब हमारे ज़माने में आते तब पता चलता .
नाति:- हैगोय्यी यार बुबु तमी ले हर बख बस हमार जमान हमार जमान पत्त ने जस जमान है ग्योनल त आब ने रॉय त जमान छोड़ दियो आब तक सब नई जमान में ऐज्ञान तमी ले ऐजाओ आब ( पता नहीं कैसा ज़माना हो गया है ये आपका हर समय बस हमारा जमाना हमारा जमाना छोड़ दो अब पुराने ज़माने को सब नए ज़माने में आ गये हैं आप भी आ जाओ ).

बुबु :– होई उने पड़ूँ पे आब की करि आब तो ले दे पे एक गिलास पाणि

हिंदी भाषा -हाँ आना ही पड़ता है अब क्या करें. अब तो ला दे फ़िर एक गिलास पानी
नाति – जागो बुबु आले बस एका गेम आई(रुको बुबु बस एक गेम और )

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दोस्तों ये है बूबू और नाति के किस्से और पब्जी गेम कैसा लगा आपको हमें जरुर बताये |जय देव भूमि उत्तराखंड

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