पानी के मुख्य श्रोत नौला और धारा विलुप्ति की ओर।

नौला और धारा ये दोनों ही पानी के मुख्य पारंपरिक श्रोत हैं। लेकिन पहाड़ों में हो रहे लगातार पलायन के कारण ये विलुप्त होने के कगार पर हैं। ये दोनों ही भूमिगत जल के श्रोत हैं। चूंकि भूमिगत जल को पृथ्वी का सबसे स्वच्छ जल माना जाता है।इसलिए इनका पानी काफ़ी स्वच्छ रहता है।

Pani ka naula jo aaj villupati ki or hai
नौला -पानी का मुख्य स्त्रोत

 इनका पानी गर्मियों में काफ़ी ठंडा रहता है। जबकि ठंड के दिनों में इनका पानी थोड़ा गुनगुना हो जाता है।
नौला
:-यह एक कुँए की तरह होता है लेकिन कुँए से काफ़ी छोटा होता है और इसमें अंदर की तरफ़ छोटी छोटी सीढ़ियाँ बनी होती हैं। जो सीढ़ी का सबसे नीचे का तल होता है उसमें से पानी निकलता है।

pani ki dhar ko dhara
पानी की धार (धारा)

धारा:-यह एक नल की ही तरह होता है जिसका आगे एक पत्थर लगा होता है और उस पत्थर की दरार से ही पानी निकलता है। इसका जल नौले से ज़्यादा शुद्ध माना जाता है क्यूंकि इसका जल लगातार बहते रहता है जबकि नौले का जल रुका हुआ जल होता है।
यह दोनों ही श्रोत रख रखाव न होने और बढ़ रहे प्रदूषण के कारण  सूख रहे हैं और विलुप्त होने की कगार पर हैं।

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रख रखाव के उपाय :-इनके आस पास गंदगी ना फैलाएँ और साफ़ सफाई रखें। इन स्रोतों के आस पास चौड़ी पत्ती वाले वृक्ष (जैसे – बाँज,साल,शीशम आदि )के पेड़ ज़रूर लगाएँ ताकि इनका पानी कम ना हो। समय समय पर नौले की सफाई ज़रूर करतें रहें।
उम्मीद है आपको यह पोस्ट ज़रूर पसंद आयी होगी। इसे ज़्यादा से ज्यादा शैयर ज़रूर करें और इन्हें विलुप्त होने से बचाएँ क्यूंकि “जल है तो जीवन है”

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